इंटरनेट इन दिनों एक ऐसे AI एजेंट के चर्चे में है जो न सिर्फ़ बातचीत करता है, बल्कि आपके लिए काम करता भी है। इसका नाम है Moltbot, और इसका पहचान चिह्न एक दोस्ताना लॉबस्टर (झींगा मछली) है। पिछले कुछ हफ़्तों में यह प्रोजेक्ट तेज़ी से वायरल हुआ है, जिसने न सिर्फ़ तकनीक के शौक़ीनों का ध्यान खींचा है, बल्कि Cloudflare जैसी कंपनी के शेयर और Apple के Mac Mini की बिक्री पर भी असर दिखाया है। लेकिन इसके पीछे की कहानी, नाम बदलने का विवाद और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चेतावनियां भी हैं। आइए जानते हैं पूरी बात।
क्या है Moltbot और यह क्यों मशहूर हो रहा है?
Moltbot को एक ऐसे डिजिटल सहायक के तौर पर समझिए, जिसे आप WhatsApp, Telegram या iMessage पर एक साधारण मैसेज भेजकर कोई काम दे सकते हैं। जैसे, “मेरी फ़्लाइट बुक करो,” या “मेरे ईमेल इनबॉक्स को व्यवस्थित करो।” यह AI एजेंट आपकी बात समझकर ज़रूरी एप्स से जुड़कर वह काम पूरा करने की कोशिश करता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ‘ओपन सोर्स’ है और आपके अपने कंप्यूटर या सर्वर पर स्थानीय रूप से चलता है, न कि किसी क्लाउड पर। इसका मतलब है कि आपका डेटा आपके पास ही रहता है।
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इसे ऑस्ट्रिया के डेवलपर पीटर स्टीनबर्गर ने बनाया है, जो पहले PSPDFKit नामक सॉफ्टवेयर के संस्थापक रह चुके हैं। उन्होंने इसे शुरू में अपने निजी उपयोग के लिए बनाया था, ताकि यह उनका ‘डिजिटल जीवन’ प्रबंधित कर सके। इसका असली आकर्षण इसकी ‘स्वायत्तता’ में है – यह 24/7 चलता रहता है, आपके कैलेंडर पर नज़र रख सकता है, कोड लिख सकता है, और बिना लगातार इंसानी निर्देश के भी कार्य शुरू कर सकता है। एक उपयोगकर्ता ने तो बताया कि जब एप ने OpenTable के ज़रिए रेस्टोरेंट में टेबल बुक नहीं कर पाया, तो इसने ElevenLabs के स्किल का इस्तेमाल करके सीधे रेस्टोरेंट को फ़ोन कर डाला।
लॉबस्टर का नाम क्यों बदला? ‘Clawdbot’ से ‘Moltbot’ बनने की कहानी
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत ‘Clawdbot’ नाम से हुई थी, जो Anthropic कंपनी के AI मॉडल ‘Claude’ के नाम से मिलता-जुलता था। 27 जनवरी को Anthropic ने ट्रेडमार्क को लेकर चिंता जताई, जिसके बाद स्टीनबर्गर को तुरंत नाम बदलना पड़ा। नया नाम ‘Moltbot’ रखा गया, जो लॉबस्टर के ‘मोल्टिंग’ (पुरानी खोल उतारने) की प्रक्रिया से प्रेरित है। मास्कॉट का नाम ‘Molty’ रखा गया।
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लेकिन नाम बदलने के इस छोटे से समय में भी अफ़रा-तफ़री मच गई। कुछ क्रिप्टो स्कैमरों ने तुरंत पुराने GitHub अकाउंट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर कब्ज़ा कर लिया और स्टीनबर्गर के नाम से नकली क्रिप्टो करेंसी प्रोजेक्ट चलाने लगे। स्टीनबर्गर ने चेतावनी दी कि उनका असली एकाउंट @moltbot है और बाकी सब नकली हैं। टीम को X और GitHub से संपर्क करके स्थिति को सामान्य करना पड़ा।
Mac Mini की बिक्री और Cloudflare के शेयर पर क्यों पड़ा असर?
Moltbot की लोकप्रियता का एक दिलचस्प असर यह देखने को मिला कि कई तकनीकी उपयोगकर्ताओं ने इसे 24/7 चलाने के लिए Apple के छोटे और सस्ते कंप्यूटर Mac Mini खरीदना शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर #MacMini के मीम्स छाए रहे। Google Trends के मुताबिक, अमेरिका में ‘Mac Mini’ की सर्च भी अचानक बढ़ गई। हालाँकि स्टीनबर्गर ने खुद कहा है कि नया कंप्यूटर खरीदने की ज़रूरत नहीं है, इसे Amazon के Free Tier पर भी डिप्लॉय किया जा सकता है।
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इसी तरह, Moltbot को चलाने के लिए कई डेवलपर्स Cloudflare के इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करते हैं। इस वायरल चर्चा के बीच Cloudflare के शेयर में भी एक दिन 14% की उछाल देखी गई, जिसे निवेशकों के इस टेक में बढ़ते उत्साह से जोड़कर देखा गया।
सुरक्षा को लेकर क्यों हैं गंभीर चिंताएं?
Moltbot की ताकत ही इसकी सबसे बड़ी चुनौती भी है। चूंकि यह आपके कंप्यूटर पर ‘सुपरवाइज़र’ या ‘एडमिन’ की तरह काम करता है और आपके ईमेल, मैसेजिंग ऐप और पासवर्ड मैनेजर जैसी जगहों तक पहुंच रखता है, इसलिए सुरक्षा जोखिम गंभीर है। माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व कार्यकारी और निवेशक राहुल सूद जैसे विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ‘काम करना’ का मतलब है ‘आपके कंप्यूटर पर मनमाने आदेश चलाना’।
सबसे बड़ा खतरा ‘प्रॉम्प्ट इंजेक्शन’ का है। मान लीजिए कोई हैकर आपको एक ऐसा WhatsApp मैसेज भेजता है जिसमें छिपे कोड के ज़रिए आपके Moltbot को गलत आदेश दे दिया जाए। यह आपकी जानकारी के बिना ही आपके कंप्यूटर पर गलत कार्रवाई कर सकता है, जैसे कि फ़ाइलें डिलीट करना या संवेदनशील डेटा चुराना।
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इसलिए विशेषज्ञ कह रहे हैं कि अगर आप तकनीकी रूप से बहुत सक्षम नहीं हैं, तो अभी इसे आजमाने से बचें। इसे सुरक्षित चलाने के लिए इसे एक अलग कंप्यूटर या वर्चुअल प्राइवेट सर्वर (VPS) पर चलाने और ‘थ्रोअवे’ अकाउंट्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। स्टीनबर्गर ने भी सुरक्षा दस्तावेज पढ़ने और AI को ग्रुप चैट में न जोड़ने जैसे उपाय सुझाए हैं।
क्या है भविष्य?
Moltbot निस्संदेह AI सहायकों के भविष्य की एक झलक दिखाता है। यह दिखाता है कि कैसे AI हमारे दैनिक डिजिटल कार्यों का स्वचालन कर सकता है। हालाँकि, अभी यह शुरुआती उपयोगकर्ताओं, डेवलपर्स और तकनीक-प्रेमियों तक ही सीमित है। इसके व्यापक होने से पहले सुरक्षा को आसान बनाने वाले समाधानों की ज़रूरत होगी। साथ ही, यह मामला यह भी याद दिलाता है कि AI की दुनिया में ट्रेडमार्क और ब्रांडिंग को लेकर विवाद तेज़ी से बढ़ रहे हैं। अगर आप तकनीक के जानकार हैं और जोखिम समझते हैं, तो Moltbot एक रोमांचक प्रयोग हो सकता है। वरना, थोड़ा इंतज़ार ज़्यादा सुरक्षित विकल्प है।

