अमेरिकी सेना ने अपनी डेटा एनालिटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। क्लाउड सॉफ्टवेयर दिग्गज कंपनी सैल्सफोर्स ने अमेरिकी सेना से 5.6 अरब डॉलर (लगभग 46 हज़ार करोड़ रुपये) का एक बड़ा ठेका हासिल किया है। यह ठेका दस साल की अवधि के लिए है और इसका मकसद सेना के अलग-अलग डेटा सिस्टम्स को एक मंच पर लाना और भविष्य में एआई एजेंट्स के इस्तेमाल की नींव रखना है।
सैल्सफोर्स की एक सहायक कंपनी, ‘कम्प्यूटेबल इनसाइट्स एलएलसी’ को यह ठेका दिया गया है, जिसे सैल्सफोर्स नेशनल सिक्योरिटी के नाम से भी जाना जाता है। यह कंपनी सैल्सफोर्स के ‘मिशनफोर्स’ प्रोग्राम का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ग्राहकों को सेवाएं देने पर केंद्रित है। यह ठेका एक ‘इंडेफिनाइट डिलीवरी, इंडेफिनाइट क्वांटिटी’ (IDIQ) समझौता है, यानी सेना जरूरत के हिसाब से समय-समय पर सेवाओं का ऑर्डर देती रहेगी और इसकी कुल कीमत 5.6 अरब डॉलर तक जा सकती है। इसमें पहले पांच साल की बेस अवधि और अगले पांच साल की वैकल्पिक अवधि शामिल है। इस ठेके का काम वर्ष 2035 तक चलने का अनुमान है।
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क्या बदलाव लाएगा यह समझौता?
सैल्सफोर्स के मुताबिक, उनकी तकनीक सेना के विभिन्न डेटा स्रोतों और पुराने सिस्टम्स को एकीकृत करेगी। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी, ऑपरेशन्स बेहतर होंगे और लाखों सैनिकों, असैनिक कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के लिए सहायता प्रणाली में सुधार आएगा। कंपनी का कहना है कि यह समझौता सेना की ‘एजेंटिक एआई’ तैनाती की राह आसान करेगा। एजेंटिक एआई ऐसी सिस्टम्स होती हैं जो मनुष्य की देखरेख में स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकती हैं।
सैल्सफोर्स के डिपार्टमेंट ऑफ वॉर बिजनेस के एरिया वाइस प्रेसिडेंट, पीटर लिंगटन के अनुसार, “अगर एआई उस इंजन की तरह है जो रक्षा विभाग को बदलने वाला है, तो डेटा उस इंजन का ईंधन है। और जैसे किसी इंजन के लिए साफ ईंधन जरूरी होता है, वैसे ही हमारा डेटा भी साफ और विश्वसनीय होना चाहिए।”
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रक्षा क्षेत्र में सैल्सफोर्स की बढ़ती पकड़
यह समझौता सैल्सफोर्स के लिए अब तक का सबसे बड़ा सरकारी ठेका है और यह दर्शाता है कि कंपनी रक्षा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर गंभीर है। पिछले साल सितंबर में उसने ‘मिशनफोर्स’ पहल शुरू की थी। इससे पहले, 2025 में ही, सैल्सफोर्स नेशनल सिक्योरिटी ने सेना से सॉफ्टवेयर के लिए 100 मिलियन डॉलर का एक छोटा ठेका भी हासिल किया था। कंपनी ने पेंटागन के लिए एक सुरक्षित संस्करण का स्लैक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है।
अमेरिकी रक्षा विभाग पिछले कुछ महीनों से एआई को अपनाने पर जोर दे रहा है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना को एक ‘एआई-फर्स्ट’ युद्धक बल बनाने की बात कही है। पिछले दिसंबर में पेंटागन ने ‘जनरलएआई.मिल’ नाम का एक एंटरप्राइज-वाइड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था, जिसमें गूगल के जेमिनी और एलन मस्क के ग्रोक जैसे कमर्शियल एआई मॉडल शामिल हैं।
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शेयर बाजार पर असर और भविष्य
इस बड़े ठेके की खबर के बाद सैल्सफोर्स के शेयर (NYSE: CRM) में बढ़त देखी गई। निवेशक इस दीर्घकालिक समझौते से कंपनी की आय में होने वाली संभावित वृद्धि को लेकर उत्साहित हैं। वॉल स्ट्रीट के ज्यादातर विश्लेषक कंपनी के शेयर को ‘खरीदने’ की सलाह दे रहे हैं। यह ठेका सैल्सफोर्स को अगले एक दशक तक एक स्थिर और पूर्वानुमानित राजस्व का स्रोत देगा और संभवतः अन्य सैन्य शाखाओं के लिए भी उसके दरवाजे खोल सकता है।
साफ है कि अमेरिकी सेना पुराने सिस्टम्स को छोड़कर आधुनिक क्लाउड और एआई तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रही है, और सैल्सफोर्स जैसी कंपनियां इस बदलाव का अहम हिस्सा बनने को तैयार हैं।

