माइक्रोसॉफ्ट के इस साल के पहले महीने का ‘पैच ट्यूजडे’ विंडोज 11 यूजर्स के लिए एक बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि 13 जनवरी, 2026 को जारी किए गए सुरक्षा अपडेट को इंस्टॉल करने के बाद कुछ पीसी बूट ही नहीं हो पा रहे हैं। यह समस्या उन कई दूसरी गड़बड़ियों के ऊपर है, जो इस जनवरी के अपडेट के बाद से सामने आ रही हैं।
कंपनी ने एक ऑनलाइन बुलेटिन जारी करके बताया कि वह उन रिपोर्ट्स की जांच कर रही है, जिनमें कहा गया है कि नया सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने के बाद यूजर्स का सिस्टम चालू ही नहीं हो रहा। इसमें एक ब्लैक स्क्रीन दिखाई देती है, जिस पर लिखा होता है, “आपके डिवाइस में कोई समस्या आई है और इसे रीस्टार्ट करने की जरूरत है। आप रीस्टार्ट कर सकते हैं।” माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, इस स्थिति में डिवाइस स्टार्टअप पूरा नहीं कर पाता और मैन्युअल रिकवरी स्टेप्स की जरूरत पड़ती है।
इस गंभीर समस्या को ‘UNMOUNTABLE_BOOT_VOLUME’ स्टॉप कोड से जोड़ा जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यह दिक्कत विंडोज 11 के वर्जन 24H2 और 25H2 चलाने वाली भौतिक मशीनों को प्रभावित कर सकती है। अभी तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान या वर्कअराउंड जारी नहीं किया गया है। अगर किसी यूजर के साथ यह समस्या आती है, तो उन्हें विंडोज रिकवरी एनवायरनमेंट में जाकर जनवरी के सुरक्षा पैच को हटाना (अनइंस्टॉल) होगा।
एक नहीं, कई मुसीबतें
यह बूट फेल होने की दिक्कत इस महीने की शुरुआत से चली आ रही परेशानियों की नई कड़ी भर है। इससे पहले, यूजर्स ने बताया था कि विंडोज 11 वर्जन 23H2 वाले पीसी शट डाउन या हाइबरनेट मोड में नहीं जा पा रहे थे। वहीं, वर्जन 24H2 और 25H2 चलाने वाले सिस्टम रिमोट डेस्कटॉप के जरिए साइन इन नहीं कर पा रहे थे।
इन सबके बीच सबसे बड़ी मुश्किल क्लाउड-बैक्ड ऐप्स के साथ आई। पिछले कुछ दिनों में यह सामने आया कि जनवरी के अपडेट ने आउटलुक, ड्रॉपबॉक्स और वनड्राइव जैसे एप्लिकेशन को भी ठप कर दिया। इनमें आउटलुक सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, खासकर उन यूजर्स के लिए जो अपनी PST फाइल्स क्लाउड-सिंक्ड फोल्डर में रखते हैं। कई मामलों में आउटलुक बार-बार क्रैश हो रहा था, खुल ही नहीं रहा था या लटक जा रहा था, जिससे ईमेल तक पहुंच पूरी तरह बाधित हो गई।
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दो जरूरी इमरजेंसी अपडेट जारी
इन गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए माइक्रोसॉफ्ट को महीने के निर्धारित अपडेट साइकिल से बाहर जाकर दो इमरजेंसी (आउट-ऑफ-बैंड) अपडेट जारी करने पड़े। पहला अपडेट शटडाउन और रिमोट डेस्कटॉप की दिक्कतों को ठीक करने के लिए था। हाल ही में जारी दूसरा इमरजेंसी अपडेट खासतौर पर आउटलुक क्रैश और क्लाउड फाइलों से जुड़ी समस्याओं को टारगेट करता है।
अच्छी खबर यह है कि यह नया फिक्स क्यूमुलेटिव है, यानी इसे इंस्टॉल करने से पिछले इमरजेंसी फिक्स भी अपने-आप मिल जाएंगे। माइक्रोसॉफ्ट ने प्रभावित यूजर्स को सलाह दी है कि वे सिस्टम की स्थिरता बहाल करने के लिए इस अपडेट को जल्द से जल्द लगा लें।
हालांकि, अब बूट न होने की नई समस्या सामने आने के बाद संभावना जताई जा रही है कि कंपनी को तीसरा इमरजेंसी अपडेट भी जारी करना पड़ सकता है। यह स्पष्ट नहीं है कि आखिर इस बार के सिक्योरिटी अपडेट में इतनी गड़बड़ी क्यों हैं। पिछला साल 2025 भी विंडोज अपडेट्स से जुड़ी कई दिक्कतों का गवाह रहा था।
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इन घटनाओं ने आईटी प्रशासकों और आम यूजर्स के बीच एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सुरक्षा अपडेट जारी करने से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच पर्याप्त है? जबकि समय पर सुरक्षा अपडेट जरूरी हैं, लेकिन बार-बार इमरजेंसी फिक्स जारी करने की नौबत आना कंपनी की टेस्टिंग प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाता है। अब देखना यह है कि माइक्रोसॉफ्ट इस विश्वास को वापस पाने और अपने सॉफ्टवेयर की गुणवत्ता के स्तर को सुधारने के लिए क्या कदम उठाती है।

